पिछले करीब एक महीने से जनपथ सूना पड़ा है। अच्छा नहीं लगता, लेकिन वक्त का तकाजा है। लंबा लिखने का वक्त नहीं और वक्त है भी तो मौसम खराब। ऐसे में कुछ सूचनाएं फटाफट...
लेकिन उससे पहले बैकग्राउंडर...
पहली तो ये, कि मैं अब पूरी तरह स्वस्थ हो चला हूं। जिन्हें नहीं पता है उनके लिए खबर ये है कि गत 11 जनवरी को नोएडा में मेरे मकान के सामने ही कुछ सांड़ों ने मेरे ऊपर हमला कर दिया था। जान बच गई, लेकिन स्कैपुला यानी पीठ के पीछे की हड्डी टूट गई और सिर फूट गया। चार दिन अस्पताल और एक महीने आराम के बाद अब मैं ठीक हो गया हूं।
दूसरी, मैंने नौकरी पकड़ ली है और एक महीने से इसीलिए कुछ और काम नहीं कर पा रहा था, देखते हैं कब तक यह नया हज चलता है।
अब खबरें दूसरों के लिए...
1. देशबंधु नामक अखबार अगले माह दिल्ली से निकलने जा रहा है, ये तो सबको पता है लेकिन अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक अनिल चमडि़या ने संपादकी का कार्यभार छोड़ दिया है। नए संपादक का पता नहीं, लेकिन अगले हफ्ते दिल्ली में ललित सुरजन द्वारा दी जाने वाली पार्टी अपनी जगह कायम है।
2. नई दुनिया का दिल्ली संस्करण भी आने वाला है...इच्छुक सुरेश बाफना से संपर्क कर सकते हैं।
3. रिलायंस कारोबार नाम से एक बिजनेस चैनल ला रहा है। यह चैनल पहले आज तक वाला समूह ला रहा था। अब आज तक की हिस्सेदारी सिर्फ 40 फीसदी ही होगी।
4. पानीपत दैनिक भास्कर में बंपर भर्तियों का मौसम है। दिनेश मिश्र से संपर्क करें, नौकरी लग जाएगी।
5. झज्जर में भास्कर को एक रिपोर्टर चाहिए। इच्छुक बिजेंदर कुमार से संपर्क कर सकते हैं।
6. जिन्होंने टाइम्स एसेंट न देखा हो, उनके लिए सूचना है कि ब्रिटिश एम्बैसी और अमेरिकी एम्बैसी में मीडिया सलाहकार और पीआरओ टाइप नौकरियां हैं। पांच-छह साल कैरियर वाले पत्रकार (पढ़ें अनुवादक) तुरंत आवेदन करें।
7. आगामी 31 और 1 तारीख को मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में राजनीतिक बंदियों की रिहाई के लिए बनी एक राष्ट्रीय समिति की दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस है जिसमें अरुंधति राय, गदर समेत तमाम एक्टिविस्ट देश भर से इकट्ठा हो रहे हैं। खबर के लिहाज से अच्छी सामग्री मिलने की संभावना। पहुंचे सुबह साढ़े आठ बजे 31 मार्च को उद्घाटन समारोह में।
8. भोजपुरी और अवधी में दिलचस्पी रखने वालों के लिए अच्छी खबर...भोजपुरी में दो और अवधी में एक चैनल बाजार में आ रहा है। भोजपुरी का पहला चैनल 'महुआ' नाम से प्रज्ञा वाले ला रहे हैं...अंशुमान त्रिपाठी से मिल लें। इसके अलावा इंडिया न्यूज वाला समूह एक भोजपुरी और अवधी चैनल लाने की योजना बना रहा है। संपर्क अशोक मिश्र।
9. विचार परिक्रमा नाम की एक उम्दा वैचारिक पत्रिका बाजार में आने को है जिसके संपादक सहारा समय के विचार संपादक रहे विमल झा हैं। नौकरी की संभावना शून्य, लेकिन लिखने की अपार। विचार पक्ष वाले फ्रीलांसरों के लिए अच्छा मौका।
10. और अंत में सबसे बड़ी खबर...ब्लॉग को लेकर बहुत गंभीर और संजीदा होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आगामी कुछ ही महीनों में गूगल जैसी कंपनियां अपनी ब्लॉग स्पेस को समाप्त करने वाली हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि उनके सर्वर में काफी कचरा इकट्ठा हो गया है जिसके कारण ट्रैफिक में दिक्कतें आ रही हैं। इस श्रेणी में सिर्फ ब्लॉग ही नहीं, बल्कि ऑरकुट और फेसबुक भी शामिल हो सकते हैं जहां आपकी गतिविधियों के कोई नामोनिशान नहीं बाकी रह जाएंगे।
अब चलता हूं...किसी और दिन विस्तार से बताऊंगा कि एक ठे भटकल बनारसी सांड़ कैसे खुद सांड़ का शिकार हो गया। और हां, मीडिया पर मैं एक कहानी लिख रहा था...उस अनुभव के बारे में जो मुझे जी न्यूज के दफ्तर में प्राप्त हुआ था...वह कहानी भी सांड़ की भेंट चढ़ गई...अब तक अधूरी है। लेकिन वादा है कि जब भी आएगी, मजा देगी।
नमस्कार
यह जगह उन तमाम लोगों के लिए है जिनके लिए कोई जगह नहीं...
25.3.08
कुछ खबरें फटाफट...
लिखने वाला...
एक ठे भटकल बनारसी सांड
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2 टिप्पणियां:
dekhiye bhaee aapko khoj liya...sandh aapse tkra gya tha ya aap sandh se...khair jo bhee hua ho nukshan to antatah us sandh ko hi hua hoga, apne sandh ko nhi...kya.....?
सांड़ की सांड़ से मुलाकात दिलचस्प रही। अच्छा है, यह ब्लॉग-स्लॉग जाए तो कुछ ढंग का काम हो। और नौकरियां अगर इतनी सारी आ-जा रही हैं तो इनमें से एक मेरे हिस्से क्यों नहीं पड़ रही है? कुछ करिए..कुछ करिए..नस-नस मेरी बोले...
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