2/08/2012

यह पलाश के फूलने का समय है- अनुज लुगुन

 
यह पलाश के फूलने का समय है
रेत पर बने बच्चों के घरौन्दों से
उठ रहा है धुआं
हवाओं में घुल रहा है बारूद
चट्टानों से रिसते पानी पर
सूरज की चमक लाल है और
जंगल की पगडंडियों में दिखाई पड़ता है दंतेवाड़ा
यह पलाश के फूलने का समय है ।
 
यह पलाश के फूलने का समय है ।
नियमगिरि से निकले नदी के तट पर
कन्दू पक कर लाल है
हट चुकी है मकड़े की जाली
गुफ़ाओं की ख़बर है
खदानों में वेदान्ता का विज्ञापन टंगा है,
साखू के सागर सारंडा की लहरों में
बिछ गई हैं बारूदी सुरंगें
हर दस्तक का रंग यहां लाल है ।
यह पलाश के फूलने का समय है।
 
दूर-दूर तक जंगल का
हर कोना पलाश है
साखू पलाश है
केन्दू पलाश है
पलाश आग है
आग पलाश है
जंगल में पलाश के फूल को देख
आप भ्रमित हो सकते हैं कि
जंगल जल रहा है
जंगल में जलती आग को देख
आप कतई न समझें पलाश फूल रहा है
 
यह पलाश के फूलने का समय है
और, जंगल जल रहा है।

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