9/25/2014

बचाइये ऐसी जगहों को

 
रंजीत वर्मा 


अब हवा तरंगों के ज़रिये
यही बात लोगों से कही जाएगी
वही बातें जो 15 अगस्त 2014 को
भाषण देते हुए लाल किले से कही गई थीं
जिसे 5 सितंबर 2014 को
देश भर के लाखों स्कूल के
करोड़ों बच्चों के कानों में डाला जा रहा था

9/10/2014

''देश का प्रधानमंत्री'' क्‍या होता है?

अंजनी कुमार 
सत्ता के खेल में जनता का हाल क्या हो सकता है, इसे हम अपनी समसामयिक राजनीति में देख सकते हैं। लगातार दंगे और दंगों का माहौल बनाकर सत्ता में आने का रास्ता भाजपा और आरएसएस की छुपी हुई रणनीति नहीं रह गई है। अमित शाह खुलेआम बोल रहे हैं कि इस हालात को बनाए रखकर ही उत्‍तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बन सकती है। दिल्ली में किसी भी तरह से सरकार बना लेने की नीति में विधायकों की खरीद-फरोख्त का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। अब कुमार विश्‍वास ने ''मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं'' कहकर इस खरीद-फरोख्त को एक पुख्ता अंजाम तक ले जाने का रास्ता खोल दिया है। 

9/05/2014

सियासत के धुंधलकों में डूबता जनपद: आखिरी किस्‍त

अभिषेक श्रीवास्‍तव । ग़ाज़ीपुर से लौटकर 



मुहम्‍मदाबाद के शहीद स्‍मारक से बमुश्किल पांच मिनट की पैदल दूरी पर कपड़ा बाजार के बीच दाहिने हाथ पर कुछ सीढि़यों से ऊपर एक खुला कमरा है। दिन के किसी भी वक्‍त यहां आधा दर्जन लोग बैठे मिल जाएंगे। बाहर कोई बोर्ड नहीं टंगा है लेकिन लोग जानते हैं कि यह डॉ. फ़तेह मोहम्‍मद की क्‍लीनिक है और बाहर बैठे लोग उनके मरीज़ हैं। क्‍लीनिक के भीतर उनका घर है। घर में बसा पूरा संयुक्‍त परिवार है। डॉक्‍टर साहब के विरोधी हालांकि इस जगह को 'अधकपारियों का अड्डा' कहते हैं। 

9/03/2014

सियासत के धुंधलकों में डूबता जनपद: तीसरी किस्‍त

अभिषेक श्रीवास्‍तव । ग़ाज़ीपुर से लौटकर  


सेमरा गांव में गंगा किनारे कटान का क्षेत्र और ढलती जिंदगी  

वास्‍तविकता यह है कि सामंतशाही पर टिकी बहादुरों की इस धरती का नामोनिशां अब धीरे-धीरे खत्‍म हो रहा है। जिन्‍हें इसकी फिक्र है और जो इसके लिए लड़ रहे हैं, वे प्रतिक्रियावादी ताकतों के हाथों ही कमज़ोर किए जा रहे हैं। शेरपुर, जिसे एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर (ग़ाज़ीपुर) से भी बड़ा गांव यहां के लोग मानते हैं, गंगा में डूब रहा है। यह अचानक नहीं हुआ है। यहां के लोग बताते हैं कि 1930 के दशक के बाद से ही धीरे-धीरे गंगा का कटान इतना तीव्र हुआ है कि आज शेरपुर के सेमरा गांव का 70 फीसदी हिस्‍सा गंगा में समा चुका है और शिवरायकापुरा नामक गांव पूरी तरह गायब हो चुका है।

9/02/2014

सियासत के धुंधलकों में डूबता जनपद: दूसरी किस्‍त

अभिषेक श्रीवास्‍तव । ग़ाज़ीपुर से लौटकर



ग़ाज़ीपुर में बहादुरी के सिर्फ किस्‍से बचे हैं या इसकी कोई ठोस ज़मीन भी मौजूद है, यह हम बाद में देखेंगे लेकिन एक निगाह यहां के गौरवशाली अतीत पर डाल लेना ज़रूरी है। दस्‍तावेज़ बताते हैं कि ग़ाज़ीपुर के इंकलाबियों ने अगर शहादत नहीं दी होती तो यह देश आज़ाद न हुआ होता।

9/01/2014

सियासत के धुंधलकों में डूबता जनपद: पहली किस्‍त

अभिषेक श्रीवास्‍तव / ग़ाज़ीपुर से लौटकर 


चीनी भाषा में 'चिन-चू' का मतलब होता है रणबांकुरों का देश। संभवत: पहली बार भारत के संदर्भ में अगर इस शब्‍द का कभी प्रयोग हुआ तो वह मशहूर चीनी यात्री ह्वेन सांग के यात्रा वृत्‍तान्‍त में मिलता है। ह्वेन सांग अपनी भारत यात्रा के दौरान उत्‍तर प्रदेश के छोटे से जि़ले ग़ाज़ीपुर आए थे। उस वक्‍त हालांकि ग़ाज़ीपुर इतना भी छोटा नहीं था। ग़ाज़ीपुर के जि़ला बनने से पहले बलिया, चौसा, सगड़ी, शाहाबाद, भीतरी, खानपुर, महाइच आदि परगने गाजीपुर में सम्मिलित थे। उन दिनों बलिया गाजीपुर का तहसील हुआ करता था। ह्वेन सांग से पहले मशहूर चीनी यात्री फाहियान भी ग़ाज़ीपुर होकर गए थे। फाहियान और ह्वेन सांग के बाद भी यहां आने वालों का सिलसिला नहीं थमा। यहां के गुलाबों के बारे में सुनकर गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर भी ग़ाज़ीपुर आकर रुके। 

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