3/31/2015

बदलते परिवेश में जन प्रतिरोध


आनंद स्‍वरूप वर्मा 

उमेश डोभाल स्मृति रजत जयंती समारोह 
पौड़ी गढ़वाल/25 मार्च, 2015 में दिया व्‍याख्‍यान 


3/13/2015

बीमा विधेयक: भारतीय संसद ऐसे बनी अमेरिकी हितों की मैनेजर



(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दस महीने में पहली ऐसी कामयाबी मिली है जो वाशिंगटन में बैठे उनके आकाओं के दिलों को चढ़ती गर्मी में ठंडक पहुंचाएगी। कल यानी 12 मार्च को संसद में छह साल से लटका बीमा विधेयक पारित कर दिया गया। इसके मुताबिक भारत के बीमा क्षेत्र में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को  26 फीसद से बढ़ाकर 49 फीसद कर दिया जाएगा। विधेयक पारित होते ही एचडीएफसी लाइफ के प्रत्‍याशित आइपीओ की उम्‍मीद में शेयर बाज़ार सूचकांक ने उछाल मारी है जो पिछले तीन सत्र से लगातार गिर रहा था। ध्‍यान रहे कि कांग्रेस जब 2008 में यह विधेयक लेकर आई थी तब बीजेपी ने इसका विरोध किया था। अब दोनों ने मिलकर इसे पारित करवा दिया है, तो इसके पीछे पिछले एक साल से चल रही अमेरिकी बीमा कंपनियों की जबरदस्‍त लॉबींग थी, जिसका सबूत नीचे दी जा रही सामग्री है।  अमेरिका के अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार आयोग के समक्ष अमेरिका की ही 300 बीमा कंपनियों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले संगठन अमेरिकन इंश्‍योरेंस एसोसिएशन ने पिछले साल 13 फरवरी को एक गवाही दी थी  जिसमें विस्‍तार से बताया गया था कि भारत में बीमा क्षेत्र को और खोला जाना अमेरिकी कंपनियों के लिए क्‍यों अहम है। इस गवाही को हूबहू पढ़कर हम समझ सकते हैं कि भारत के बीमा क्षेत्र  में 49 फीसद एफडीआइ लाया जाना कैसे पूरी तरह अमेरिकी फायदे के लिए लिया गया निर्णय है और यह भी समझ सकते हैं कि इस देश की कम्‍युनिस्‍ट पार्टियां क्‍यों इस विधेयक के इतना खिलाफ़ थीं - मॉडरेटर) 


3/09/2015

विनोद मेहता, NDTV और चुनिंदा चुप्पियां


व्‍यालोक


कल भारतीय मीडिया जगत के हिसाब से दो बड़ी अहम घटनाएं हुईं। एक, विनोद मेहता की मौत और दूसरे, एनडीटीवी का एक घंटे तक अपनी स्क्रीन को ब्लैंक रखना। दोनों पर बात होनी चाहिए। एक-एक कर के इन दोनों परिघटनाओं के मायने ज़रा तलाशे जाएं।

3/07/2015

नेपाल में बुर्जुआ जनवादी क्रांति के हासिल को संस्‍थागत करना पहला लक्ष्‍य : बाबूराम


'समकालीन तीसरी दुनिया' द्वारा नेपाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर आयोजित एक अनौपचारिक संवाद सत्र 


बाएं से अचिन विनायक, आनंद स्‍वरूप वर्मा, बाबूराम भट्टराई और जया मेहता 

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्‍ठ माओवादी नेता बाबूराम भट्टराई ने कहा है कि नेपाल में राजनीतिक स्थिरता का होना भारत के लिए बहुत आवश्‍यक है और भारत सरकार इस बात को समझती है, इसीलिए वह नेपाल के संविधान निर्माण समेत अन्‍य आंतरिक मामलों में कोई दख़ल नहीं दे रही तथा एक स्थिर और टिकाऊ शासन व संविधान के लिए नेपाल को पूरा सहयोग भी दे रही है। भट्टराई प्रवासी नेपालियों के संघ के एक कार्यक्रम में भारत आए थे जिस दौरान उन्‍होंने दिल्‍ली में पत्रकारों व राजनीतिक कार्यकर्ताओं के एक समूह को संबोधित करते हुए बुधवार को यह बात कही।

प्रकाशित सामग्री से अपडेट रहने के लिए अपना ई-मेल यहां डालें