4/29/2015

महिला उत्‍पीड़न के खिलाफ जंतर-मंतर पर बड़ा जुटान



बढ़ती साम्प्रदायिकता और नारी उत्पीड़न के विरोध में प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र ने 26 अप्रैल को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन ने उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। प्रदर्शन की शुरुआत क्रांतिकारी नारों व गीतों के साथ हुई। 

4/23/2015

आदिवासी नेता अकलू चेरो की गवाही

आंबेडकर जयन्‍ती के कनहर गोलीकांड का अविकल विवरण


(प्रस्‍तुति: अभिषेक श्रीवास्‍तव) 


आंबेडकर जयन्‍ती को कनहर में हुए गोलीकांड में गोली लगने के तुरंत बाद अकलू 

4/17/2015

बीरपुर लच्‍छी: जुल्‍मतों और इंसाफ़ के बीच ठिठकी जि़ंदगी

(बीते मार्च की आखिरी तारीख को उत्‍तराखण्‍ड के रामनगर स्थित बीरपुर लच्‍छी गांव में चल रहे आंदोलन से लौटते वक्‍त 'नागरिक' अखबार के संपादक मुनीष और उत्‍तराखण्‍ड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्‍यानी पर खनन-क्रेशर माफिया ने जानलेवा हमला किया था। इसके बाद दिल्‍ली में एक बड़ा प्रदर्शन हुआ और उत्‍तराखण्‍ड परिवर्तन पार्टी ने एक बैठक रखी जिसमें तय हुआ कि एक तथ्‍यान्‍वेषी दल गांव में जाकर हालात का जायज़ा लेगा। अप्रैल की 12-13 तारीख को पांच सदस्‍यीय तथ्‍यान्‍वेषी दल इस इलाके में गया जिसका नेतृत्‍व 'समकालीन तीसरी दुनिया' के संपादक आनंद स्‍वरूप वर्मा कर रहे थे और जिसके सदस्‍य थे पत्रकार सुरेश नौटियाल, अजय प्रकाश, भूपेन सिंह, अभिषेक श्रीवास्‍तव और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्‍ता रवींद्र गढि़या। तथ्‍यान्‍वेषी दल की प्राथमिक रिपोर्ट 13 अप्रैल की शाम स्‍थानीय अखबारों को जारी कर दी गयी थी। उसी शाम बीरपुर लच्‍छी के दो क्रेशर परिसरों पर छापा मारकर पुलिस ने उन्‍हें सीज़ कर दिया। तथ्‍यान्‍वेषी दल की विस्‍तृत रिपोर्ट अभी नहीं आयी है। इस स्‍वतंत्र ज़मीनी रिपोर्ट का तथ्‍यान्‍वेषी दल की आधिकारिक रिपोर्ट से कोई संबंध नहीं है - मॉडरेटर

4/15/2015

भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन क्‍यों?



इतिहास का पुनर्लेखन एक ऐसा विषय है जिसकी ज़रूरत को भारतीय राजनीति में वामपंथी से लेकर दक्षिणपंथी तक दोनों धड़े बराबर महसूस करते रहे हैं, हालांकि यह मसला दक्षिणपंथी धड़े के दिल के कुछ ज्‍यादा करीब रहा है। जब-जब देश में दक्षिणपंथी सरकार आयी है, इतिहास के पुनर्लेखन पर नए सिरे से बहस खड़ी की गयी है। इसमें दिक्‍कत सिर्फ नीयत की है। यदि अब तक का इतिहास-लेखन सेलेक्टिव रहा है, तो उसके बरअक्‍स जैसा इतिहास लेखन करने की मांग हो रही है, वह भी अपनी नीयत में साफ़ नहीं है। सुविधाजनक चयन की यह समस्‍या ही मामले का राजनीतिकरण करती रही है। पिछले दिनों सुभाष चंद्र बोस की कुछ गोपनीय फाइलें डीक्‍लासिफाई किए जाने के बाद एक बार फिर केंद्र की दक्षिणपंथी सरकार और वामपंथियों के एक तबके की ओर से इतिहास के पुनर्लेखन की मांग उठायी गयी है। सामान्‍यत: गैर-अकादमिक लोकप्रिय लेखन करने वाले पत्रकार व्‍यालोक ने इस मसले पर कुछ प्रकाश डालने की कोशिश की है।  - मॉडरेटर 


व्‍यालोक

4/08/2015

4/02/2015

भूमि अधिकार संघर्ष आंदोलन के तहत आंदोलन का खाका तैयार


कांस्टिट्यूशन क्‍लब, 2 अप्रैल 2015 को ज़मीन अधिग्रहण के मसले पर हुई बैठक 

Bhoomi Adhikar Sangharsh Andolan
Movement for Land Rights
Land Bill 2015 Unacceptable with Amendments, Implement 2013 Land Act in Entirety
Bhoomi Adhikaar Sangharsh Rally on Sansad Marg, Delhi, May 5


4/01/2015

मुनीष कुमार और प्रभात ध्‍यानी पर हमले का विरोध करें!

नागरिक पत्र के संपादक मुनीष कुमार व उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी
पर कायराना हमले के विरोध में

संयुक्त  विरोध-प्रदर्शन

2 अप्रैल 2015 को सुबह 11 बजे
 उत्तराखण्ड निवास के सामने, चाणक्य पुरी, दिल्ली


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