4/01/2015

मुनीष कुमार और प्रभात ध्‍यानी पर हमले का विरोध करें!

नागरिक पत्र के संपादक मुनीष कुमार व उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी
पर कायराना हमले के विरोध में

संयुक्त  विरोध-प्रदर्शन

2 अप्रैल 2015 को सुबह 11 बजे
 उत्तराखण्ड निवास के सामने, चाणक्य पुरी, दिल्ली




प्रिय साथी,

कल दिनांक 31 मार्च को उत्तराखंड प्रशासन की शह पर एक स्टोन क्रेशर मालिक व खनन माफियाओं के गुंडों द्वारा उत्तराखंड के रामनगर कस्बे से 20 किमी दूर एक गांव में नागरिक पत्र के संपादक, मुनीष कुमार व उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी पर गंभीर हमला किया गया। इस हमले में प्रभात ध्यानी गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। नागरिक पत्र के संपादक मुनीष कुमार भी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। सिर पर हेलमेट पहने होने की वजह से वह कुछ हद तक अपना बचाव कर सके। साथी प्रभात ध्यानी को उत्तराखंड के हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है।

गौरतलब है कि नागरिक के संपादक मुनीष कुमार एवं उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी वीरपुर लच्छी गांव में ग्रामवासियों के आमंत्रण पर गए थे। ग्राम वीरपुर लच्छी गांव में बुक्सा जनजाति के लोग रहते हैं। एक दबंग स्टोन क्रेशर मालिक द्वारा इनके घरों व खेतों के बीच से गुजरने वाले कच्चे मार्ग पर कब्जा कर ग्रामवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। कच्चे मार्ग के किनारे इन ग्रामवासियों की जमीन पर मलबा डालकर, मार्ग को चौढ़ा कर स्टोन क्रेशर मालिक ने इस मार्ग को अपने डंपरों के गुजरने का रास्ता बना दिया । स्टोन क्रेशर का मलबा डंपरों में भर कर जब इस मार्ग से गुजरता है तो मार्ग के किनारे बने बुक्सा जनजाति के लोगों के कच्चे मकानों में धूल-गर्द व मलबा भर जाता है। स्टोन क्रेशर मालिक के खिलाफ आवाज उठाने पर पूर्व में क्रेशर मालिक द्वारा अपने गुंडों से ग्रामीणों की पिटाई कराई गई जिसमें गुंडों ने महिलाओं को गिराकर बंदूक की बटों से महिलाओं की छाती पर प्रहार किए गए।

अपने परंपरागत मार्ग पर स्टोन क्रेशर मालिक द्वारा कब्जे के विरोध में ग्रामीणों ने नागरिक पत्र के संपादक मुनीष कुमार, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी व इंकलाबी मजदूर केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन आदि जनवादी प्रगतिशील संगठनों के नेतृत्व में लंबा संघर्ष चलाया है। इस बार लोकसभा चुनाव का भी ग्राम वासियों द्वारा बहिष्कार किया गया लेकिन प्रशासन ने स्टोन क्रेशर मालिक व डंपर मालिकों के साथ मिलीभगत करते हुए कोई गंभीर प्रयास ग्रामीणों की समस्या के निराकरण हेतु नहीं किए।

अभी एक सप्ताह पूर्व एक डंपर से एक बड़ा पत्थर लुढ़ककर इस मार्ग के किनारे एक घर में बर्तन साफ कर रही एक ग्रामीण बालिका को लगा जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने डंपर मालिकों व स्टोन क्रेशर मालिक द्वारा कब्जाए गए मार्ग पर ही बालिका का अंतिम संस्कार किया।


प्रशासन द्वारा मार्ग की पैमाइश व नाप के लिए नियुक्त अधिकारी ने स्टोन क्रेशर मालिक व डंपर मालिकों के निर्देशों के अनुरूप जब काम करना शुरु किया तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने पुनः आंदोलन शुरु किया व मांग की कि किसी अन्य अधिकारी से मार्ग की नाप-जोख करवाई जाए।

इसी आंदोलन के सिलसिले में ग्राम वीरपुर लच्छी में नागरिक संपादक मुनीष कुमार व उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी एक सभा को संबोधित करने के  बाद वापस लौट रहे थे।जाहिर है कि नागरिक संपादक मुनीष कुमार व उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी पर हुआ हमला जनता के प्रतिरोध को दबाने हेतु गुंडा माफिया गठजोड़ द्वारा प्रशासन की शह पर हुआ है।


इंकलाबी मजदूर केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र सहित तमाम जनवादी एवं क्रांतिकारी संगठ उक्त घटना की निंदा करते हुए दिनांक 2 अप्रैल 2015 को उत्तराखंड भवन, दिल्ली पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के बाद एक ज्ञापन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया जाएगा। उम्मीद है कि आप अवश्य भागीदारी करेंगे।


इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा जारी 

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