7/30/2015

एक आततायी भीड़ का शोकगान



नदीम असरार
@_sufiyana_ 

आज भारत के सामने नैतिक रूप से दो परस्‍पर विरोधाभासी घटनाएं घट रही हैं: पहली, 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषी याकूब मेनन को उसके 54वें जन्‍मदिवस पर दी गई फांसी; और दूसरी, कुछ घंटों बाद मिसाइल मैन व पीपुल्‍स प्रेसिडेंट एपीजे अब्‍दुल कलाम की राजकीय सम्‍मान के साथ अंत्‍येष्टि, जो किसी भी राष्‍ट्रीय स्‍तर के नेता के मामले में की गई एक दुर्लभ व अभूतपूर्व खुशामद है।  

7/28/2015

नेपाल में गायः पवित्र जीव से राष्ट्रीय पशु तक


विष्‍णु शर्मा का यह लेख दो दिन पहले जब हमें प्राप्‍त हुआ, उस वक्‍त तक नेपाल के संविधान में ''धर्मनिरपेक्ष'' शब्‍द पर कोई बहस प्रत्‍यक्ष नहीं थी, लेकिन 28 जुलाई 2015 के अखबारों की मानें तो नेपाल के सभी राजनीतिक दलों के बीच यह सहमति बन चुकी है कि संविधान में से ''सेकुलर'' शब्‍द को हटाया जाएगा। इसी कारण से इस लेख में जहां कहीं धर्मनिरपेक्ष शब्‍द आया है, वहां उसके सामने एक संपादकीय टिप्‍पणी डाल दी गई है अथवा उसे डबल कोट्स में कर दिया गया है- मॉडरेटर  


7/27/2015

गौमांस पर प्रतिबंध और मौलिक अधिकारों का हनन - कुछ आयाम

पीपल्स यूनियन फॉर डैमोक्रैटिक राइट्स
रिपोर्ट प्रकाशन - जुलाई 2015
गौमांस पर प्रतिबंध और मौलिक अधिकारों का हनन - कुछ आयाम



7/14/2015

Banned and Damned: SIMI’s Saga with UAPA Tribunals



पीपल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स

(रिपोर्ट प्रकाशन)
                                                                                                                        

8 जुलाई 2015





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