9/29/2015

वीरेन डंगवाल के संग एकालाप


मृत्‍युंजय 


मेरे भीतर एक डोमाजी उस्ताद बैठे हैं

9/28/2015

वीरेनदा का जाना और एक अमानवीय कविता की मुक्ति


अभिषेक श्रीवास्‍तव 


वीरेन डंगवाल (05.08.1947 - 28.09.2015)
(तस्‍वीर: विश्‍व पुस्‍तक मेला, 2015)

वीरेन डंगवाल यानी हमारी पीढी में सबके लिए वीरेनदा नहीं रहे। आज सुबह वे बरेली में गुज़र गए। शाम तक वहीं अंत्‍येष्टि हो जाएगी। हम उसमें नहीं होंगे। अभी हाल में उनके ऊपर जन संस्‍कृति मंच ने दिल्‍ली के गांधी शांति प्रतिष्‍ठान में एक कार्यक्रम करवाया था। उनकी आखिरी शक्‍ल और उनसे आखिरी मुलाकात उसी दिन की याद है। उस दिन वे बहुत थके हुए लग रहे थे। मिलते ही गाल पर थपकी देते हुए बोले, ''यार, जल्‍दी करना, प्रोग्राम छोटा रखना।'' ज़ाहिर है, यह तो आयोजकों के अख्तियार में था। कार्यक्रम लंबा चला। उस दिन वीरेनदा को देखकर कुछ संशय हुआ था। थोड़ा डर भी लगा था। बाद में डॉ. ए.के. अरुण ने बताया कि जब वे आशुतोष कुमार के साथ वीरेनदा को देखने उनके घर गए, तो आशुतोष भी उनका घाव देखकर डर गए थे। दूसरों से कोई कुछ कहता रहा हो या नहीं, लेकिन वीरेनदा को लेकर बीते दो साल से डर सबके मन के भीतर था। 


9/16/2015

हिंदुत्ववादियों के विलाप के बावजूद नेपाल फिर ‘हिंदू राष्ट्र’ नहीं बन सका


आनंद स्‍वरूप वर्मा 


आखिरकार नेपाल के बहुप्रतीक्षित संविधान को अंतिम रूप देने का काम 13 सितंबर से शुरू हो गया। 2008 में निर्वाचित पहली संविधान सभा को ही यह कार्य संपन्न करना था लेकिन संभव नहीं हो सका। फिर 2013 में दूसरे संविधान सभा का चुनाव हुआ और इस बार भी ऐसा लग रहा था कि संविधान नहीं बन सकेगा। अब उम्मीद की जा रही है कि 20 सितंबर 2015 तक नेपाल के नए संविधान की घोषणा हो जाएगी। अब तक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि तमाम दबावों के बावजूद नेपाल को फिर से हिन्दू राष्ट्र का दर्जा नहीं दिया गया और संविधान में धर्म निरपेक्षशब्द को जस का तस रहने दिया गया। हिंदुत्ववादी विलाप करते रहे।


9/14/2015

यह मुकदमा कुछ सवाल करता है


हरे राम मिश्र 



अभी हाल ही में यह पता चला है कि हाशिमपुरा जनसंहार में इंसाफ की मांग कर रहे कवियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत रिहाई मंचके नेताओं पर दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे में आरोपित लोग हाशिमपुरा जनसंहार में विवेचना अधिकारी द्वारा लचर और पक्षपात पूर्ण विवेचना करने और सरकार द्वारा बेगुनाह नागरिकों के हत्यारे पुलिस वालों को आपराधिक तरीके से बचाने के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक विरोध विरोध व्यक्त करते हुए पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की देख-रेख में पुनः न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।

9/09/2015

प्रो. कलबुर्गी की हत्‍या और पुरस्‍कार वापसी पर जन संस्‍कृति मंच का वक्‍तव्‍य

प्रो. कलबुर्गी की ह्त्या का प्रतिवाद और श्री उदय प्रकाश और प्रो. चंद्रशेखर पाटिल द्वारा सम्मान लौटाए जाने की घोषणा का महत्व 





मुलायम समाजवाद में लेखक, कवि, पत्रकार, कलाकार सब दंगाई हैं!


वरिष्‍ठ कवि अजय सिंह, प्रो. रमेश दीक्षित, पत्रकार कौशल किशोर, सत्‍यम वर्मा, रामकृष्‍ण समेत 16 लोगों पर दंगा भड़काने की कोशिश के आरोप में एफआइआर, भगवा दंगाइयों के खिलाफ शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं 


सम्‍मेलन को संबोधित करते प्रो. रमेश दीक्ष्ति 

9/05/2015

उदय प्रकाश के बारे में विष्‍णु खरे का ताज़ा पत्र

(हिंदी के लेखक उदय प्रकाश के साहित्‍य अकादेमी पुरस्‍कार लौटाने पर थोड़ी ही देर पहले हिंदी के कवि विष्‍णु खरे का यह पत्र ई-मेल से प्राप्‍त हुआ है और इसे छापने का आग्रह किया गया है। नीचें पढ़ें विष्‍णु खरे जी की पूरी पाती - मॉडरेटर) 


विष्‍णु खरे 

9/04/2015

प्रो. कलबुर्गी की हत्‍या के विरोध में उदय प्रकाश ने साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार लौटाया


(हिंदी के नामचीन लेखक उदय प्रकाश ने हिंदुत्‍ववादी ताकतों द्वारा कन्‍नड़ के विद्वान प्रो. कलबुर्गी की हत्‍या के विरोध में साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार लौटाने की घोषणा की है। उन्‍होंने शुक्रवार की सुबह अपने फेसबुक वॉल पर इस संबंध में निम्‍न पोस्‍ट लिखा है)




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