11/10/2015

हमारे ऋषि-मुनियों ने हज़ारों साल पहले खोज लिया था सारी समस्‍याओं का समाधान : कैलाश सत्‍यार्थी

शांति के लिए नोबल पुरस्‍कार मिलने के बाद कैलाश सत्‍यार्थी की सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया बेहद कम देखने में आई है। इधर बीच उन्‍होंने हालांकि राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्‍य को एक लंबा साक्षात्‍कार दिया है जो 9 नवंबर को वहां प्रकाशित हुआ है। उससे दो दिन पहले बंगलुरु प्रेस क्‍लब में उन्‍होंने समाचार एजेंसी पीटीआइ से बातचीत में कहा था कि देश में फैली असहिष्‍णुता से निपटने का एक तरीका यह है कि यहां की शिक्षा प्रणाली का ''भारतीयकरण'' कर दिया जाए। उन्‍होंने भगवत गीता को स्‍कूलों में पढ़ाए जाने की भी हिमायत की, जिसकी मांग पहले केंद्रीय मंत्री सुषमा स्‍वराज भी उठा चुकी हैं। शिक्षा के आसन्‍न भगवाकरण और देश में फैले साम्‍प्रदायिक माहौल के बीच नोबल पुरस्‍कार विजेता सत्‍यार्थी के पांचजन्‍य में छपे इस अहम साक्षात्‍कार के कुछ अंश हम यहां साभार पुनर्प्रकाशित कर रहे हैं। -मॉडरेटर 



कैलाश सत्‍यार्थी 

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