1/23/2016

अदालती रोक के बाद गुंडई पर उतरा जिंदल ग्रुप, पी.सी. तिवारी पर जानलेवा हमला



पी.सी.तिवारी: जिंदल और हरीश रावत की जुगलबंदी के शिकार 


उत्‍तराखण्‍ड परिवर्तन पार्टी के पी.सी. तिवारी और उनके साथियों पर डीएस जिंदल समूह के गुंडों ने आज दिन में जानलेवा हमला किया है। तिवारी को बहुत गंभीर चोटें आई हैं और उनके साथ गई रेखा धस्‍माना को भी जिंदल के गुंडों ने नहीं बख्‍शा। उनसे मारपीट की और उनका टैबलेट छीन लिया। इनकी पिटाई करने के बाद इन्‍हें  बाहर फेंक दिया गया। 

1/15/2016

मौत पर भारी एक शोकसभा : 'पंकज भाई की याद में'


कवि पंकज सिह की शोक सभा, 14 जनवरी 2016, गांधी शांति प्रतिष्‍ठान, दिल्‍ली 


मनुष्‍य जितना सामान्‍य होता है, या दिखता है, कभी-कभार जीते जी उस छवि को असामान्‍य तरीके से तोड़ कर आपको हैरत में डाल सकता है। पिछले पांच घंटे से मैं निस्‍तब्‍ध हूं, कि मैंने आज सविता सिंह को पंकज सिंह पर बोलते सुना है। मेरे कानों में अब भी उनके शब्‍द गूंज रहे हैं। मैं हैरत में हूं, कि आज मैंने सविता सिंह को पंकज सिंह पर बोलते सुना है और मैं हैरत में हूं।  

1/11/2016

लोकार्पणिए : रामजी यादव की एक सीज़नल कविता


रामजी यादव 

दिल्‍ली में विश्‍व पुस्‍तक मेला चल रहा है और पूरा फेसबुक प्रगति मैदान बना हुआ है। लोकार्पण की तस्‍वीरों ने चारों ओर कब्‍ज़ा कर लिया है। पांचेक साल पहले भी एक समय था जब लोकार्पण उसी का दिखता था जिसके पास कैमरा होता था। अब सबके पास स्‍मार्टफोन है, तो किताब के बगैर भी लोकार्पण हो जा रहा है। ऐसे में रामजी यादव की यह कविता बहुत तेज़ याद आ रही है। पढि़ए और गुनिए।    


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